राजस्थान बजट 2026 में राज्य सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि किसानों का हित सर्वोपरि है। कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि से ही राज्य का समग्र विकास संभव है। इसी सोच के साथ बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जो उनकी आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम साबित होंगी।
सरकार ने जानकारी दी है कि अब तक 75 लाख 18 हजार किसानों को ₹10,900 करोड़ की सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह सहायता विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई गई है, जिससे उन्हें बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में आर्थिक सहयोग मिल सके। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए दी गई यह राशि पारदर्शिता और सुशासन का उदाहरण है। इससे किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिली है और उन्हें साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
इस बजट की एक बड़ी घोषणा यह है कि प्रदेश के किसानों को गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ₹150 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यह बोनस किसानों को राहत देगा और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करेगा। इससे गेहूं उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य खाद्य सुरक्षा की दिशा में और मजबूत होगा।
सरकार का मानना है कि “अन्नदाता का कल्याण ही राजस्थान की समृद्धि का मार्ग है।” इसी उद्देश्य से कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल बीमा योजनाओं को सुदृढ़ करने और कृषि उपकरणों पर अनुदान जैसी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें।
इसके अलावा, ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास से कृषि कार्यों में सहूलियत होगी। मंडियों के आधुनिकीकरण और भंडारण सुविधाओं के विस्तार से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। ई-नाम और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
राजस्थान बजट 2026 में किसानों के लिए की गई घोषणाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक सहायता, अतिरिक्त बोनस और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।
कुल मिलाकर, यह बजट अन्नदाता के सम्मान और कल्याण को समर्पित है। 75 लाख से अधिक किसानों को मिली आर्थिक सहायता और गेहूं पर अतिरिक्त बोनस से प्रदेश के किसानों में नई आशा और उत्साह का संचार हुआ है। इन पहलों से राजस्थान न केवल कृषि उत्पादन में अग्रणी बनेगा, बल्कि किसानों की खुशहाली से समृद्धि की नई ऊंचाइयों को भी छुएगा।

