100 करोड़ की लागत से यातायात का होगा “स्मार्ट मैनेजमेंट” राजस्थान बजट – 2026

Rajasthan budget 2026 - 100 karod ki lagat se yatayat ka hoga smart management

राजस्थान बजट 2026 में राज्य सरकार ने यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से “स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट” प्रणाली लागू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना, सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।

तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण राजस्थान के बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की समस्या लगातार बढ़ रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करेगी। यह एक आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली होगी, जो ट्रैफिक की निगरानी, नियंत्रण और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएगी।

इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों और व्यस्त चौराहों पर लगभग 2000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे 24 घंटे यातायात की निगरानी करेंगे और रियल-टाइम डेटा कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की पहचान तुरंत हो सकेगी। ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, गलत दिशा में वाहन चलाना और बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के ड्राइविंग जैसे नियमों के उल्लंघन पर स्वतः चालान जारी किया जा सकेगा।

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। सेंसर और कैमरों की मदद से सिग्नल का समय ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार स्वतः समायोजित होगा। यदि किसी दिशा में वाहनों की संख्या अधिक है तो उस दिशा में ग्रीन सिग्नल की अवधि बढ़ाई जाएगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी। इससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

इसके अलावा, यह प्रणाली आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को प्राथमिकता देने में भी मदद करेगी। स्मार्ट सिस्टम एंबुलेंस की लोकेशन पहचान कर सिग्नल को ग्रीन कर सकता है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

इस योजना से कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस को भी डिजिटल सहायता मिलेगी, जिससे उनका कार्यभार कम होगा और कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

राजस्थान सरकार का यह कदम “डिजिटल इंडिया” और “स्मार्ट सिटी” मिशन के अनुरूप है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से राज्य के शहरों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा। यह पहल न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि नागरिकों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।

कुल मिलाकर, 100 करोड़ रुपये की लागत से लागू होने वाला स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम राजस्थान की यातायात व्यवस्था में एक नई क्रांति साबित हो सकता है। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार, ट्रैफिक जाम में कमी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। आने वाले समय में यह प्रणाली राज्य के विकास और आधुनिकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाएगी।

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